निवण-प्रणाम: 25 प्रकृति का सीधा अर्थ है, पच्चीस तत्व, जो सांख्य दर्शन के अनुसार, सृष्टि के निर्माण में शामिल हैं। इन तत्वों में शामिल हैं :-
1. प्रकृति: मूल प्रकृति, जो सभी वस्तुओं का एक स्रोत है। इसको ईश्वर या अलख कह सकते
2. महत्त: बुद्धि या विवेक।
3. अहंकार: अहंकार, जो व्यक्ति को अपने आप को अन्य से अलग समझने में मदद करता है।
4. मन: विचार और बुद्धि।
5. चित : स्मरण शक्ति
6. पांच ज्ञानेन्द्रियां- आंख, कान, नाक, जीभ, त्वचा।
7. पांच कर्मेन्द्रियां – हाथ, पैर, वाणी, जननेन्द्रिय, गुदा।
8. पांच तन्मात्राएं – शब्द, स्पर्श, रुप, रस, गंध।
9. पांच महाभूत: आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी।
इनका योग बनता हैं – 25
